दोस्तों आज के समय में इंजीनियरिंग और मेडिकल से अलग भी कई सारे करियर ऑप्शन मौजूद हैं। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आपको केवल इंजीनियर या डॉक्टर ही बनना पड़ेगा। आज के इस आर्टिकल में फोटोग्राफी से करियर कैसे बनाया जाए इस बारें में बात की गई है।
फोटोग्राफी एक ऐसा प्रोफेशन है जहां पर फोटोग्राफर को टेक्निक और कला, दोनों ही चीजों पर पकड़ बनानी होती है। फोटोग्राफर द्वारा खींची गई तस्वीर इतिहास के पन्नों में रखी जाती है। हर तस्वीर कोई न कोई कहानी कहती है और यह फोटोग्राफर की जिम्मेदारी होती है कि वह कहानी को ज्यों का त्यों दुनिया के आगे प्रस्तुत करे।
फोटोग्राफर का काम केवल उतना आसान नहीं होता जितना वह नज़र आता है। दरअसल कैमरा की सेटिंग से लेकर बेहतर पोज तलाशने तक, फोटोग्राफर के जीवन में कई सारी समस्याएं होती हैं। फोटोग्राफर के लिए समस्याओं के साथ साथ सफल होने के मौके भी काफी ज्यादा होते हैं, क्यूंकि आज के समय में लगभग हर जगह फोटोग्राफर की आवश्यकता होती है।
फोटोग्राफी खुद को व्यक्त करने का एक माध्यम है। फोटोग्राफी व्यक्ति के अंदर छुपी कला और रचनात्मकता की अभिव्यक्ति का जरिया है। अपनी भावनाओं को चित्रित करने के लिए कुछ लोग शौकिया फोटोग्राफी करते हैं और आगे चलकर अक्सर वे अपने इस शौक को ही अपना करियर बना लेते हैं।
टेक्नोलॉजी की तरक्की के साथ ही कम्युनिकेशन के माध्यम विकसित हुए। इसी के साथ ही फोटोग्राफी का भी विकास हुआ। आज हर छोटे-बड़े आयोजनों में, फैशन शो में, मीडिया क्षेत्र के अलावा अन्य जगह फोटोग्राफी का चलन बढ़ गया है। इन क्षेत्रों में डिजिटल फोटोग्राफी की मांग बढ़ी है।
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और इंटरनेट मीडिया में फोटो की अहम भूमिका होती है। अगर फोटोग्राफर अपनी रचनात्मकता के दम पर कुछ अलग करने की क्षमता रखता है तो उसके लिए धन और प्रसिद्धी की कोई कमी नहीं। मीडिया के जरिये फोटोग्राफर की कला और उसका नाम हजारों-लाखों लोगों तक पहुंचता है। मीडिया के अलावा कई अन्य संस्थान हैं, जहां फोटोग्राफी की जरूरत होती है।
नैसर्गिक फोटोग्राफर बनने के लिए जरूरी है कि आपमें फोटोग्राफी के माहौल को पढ़ने और अपनी रचनात्मकता के जरिये किसी क्षण को कैमरे में कैद करने की कला हो। इस क्षेत्र में ट्रेनिंग बेशक आपकी कला को निखारेगी, लेकिन फोटोग्राफी के लिए कल्पनाशीलता जैसे जन्मजात गुण आवश्यक हैं। एक प्रसिद्ध फोटोग्राफर का कहना है कि फोटोग्राफर बनते नहीं पैदा होते हैं।
अगर आप के अंदर कल्पना शक्ति है तो आप एक कामयाब फोटोग्राफर बन सकते हैं। यह ऐसी फील्ड हैं जहां कॉम्पिटिशन तगड़ा है, लेकिन आपके मौलिक विचार और कल्पना शक्ति आपको भीड़ से अलग कर देगी।
फोटोग्राफर के प्रकार :
जैसा कि ऊपर के आर्टिकल में बताया गया है कि फोटोग्राफर की आवश्यकता लगभग हर कार्यालय या कार्य में होती है, उसी आधार पर फ़ोटोग्राफ़र को निम्न तरीके से वर्गीकृत किया जा सकता है।
फोटोग्राफर
इस तरह के फोटोग्राफर सामान्य फोटोग्राफर होते हैं। इनके साथ किसी भी प्रकार का कोई टैग नहीं जुड़ा होता। इस तरह के फोटोग्राफर अलग अलग तरह की तस्वीरें स्वतंत्र रूप से लेते हैं अथवा यह कहा जा सकता है कि इस प्रकार के फोटोग्राफर विशेष फोटोग्राफर नहीं होते।
फोटो पत्रकार
इस तरह के फोटोग्राफर, अखबारों के लिए फोटो खींचते हैं और इनका काम होता है हुई घटना को तस्वीरों में समेटना। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए सबसे मुश्किल यह होता है, फोटो खींचने वाले व्यक्ति में घटना को समझने की क्षमता होना जरूरी है।
कमर्शियल फोटोग्राफर
कमर्शियल फोटोग्राफी, फोटोग्राफर प्रोफेशन में सबसे ज्यादा सैलरी वाला काम है। इस तरह की फोटोग्राफी में बड़े बड़े ब्रांड के लिए तस्वीरें ली जाती हैं और यह तस्वीरें चीजों का प्रचार और बेचने के लिए प्रयोग की जाती हैं।
सड़कों पर नज़र आने बड़े बड़े पोस्टर में लगाई गई तस्वीरें इन्ही फोटोग्राफर द्वारा ली जाती हैं। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए अनुभव ज्यादा होना जरूरी है और उसके साथ ही अलग अलग तरह के कैमरे और लाइटिंग का प्रयोग भी आना चाहिए।
फैशन फोटोग्राफर
इस तरह के फोटोग्राफर को फोटोग्राफी स्किलस के साथ साथ फैशन पर भी अच्छी पकड़ रखनी होती है। इसका मतलब यह है कि इस तरह के फोटोग्राफर को फैशन मॉडल और फैशनेबल वस्तुओं की तस्वीरें लेनी होती है, तो फोटोग्राफर को इस बात का अंदाजा होना चाहिए कि वह किस पोज में सबसे ज्यादा अच्छी और सबसे ज्यादा फैशनेबल तस्वीर ले सकता है।
फूड फोटोग्राफर
इस तरह के फोटोग्राफर खाने की अलग अलग कंपनियों में काम करते हैं और वहां की तस्वीरें लेते हैं जिससे कि वे तस्वीरें प्रचार के काम आ सकें। ऐसा फ़ोटोग्राफ़र बनने के लिए खाने में विशेष दिलचस्पी होना अनिवार्य है।
औद्योगिक फ़ोटोग्राफ़र
इस तरह के फोटोग्राफर का काम होता है अलग अलग तरह की मशीनों की बेहतर तस्वीरें लेना ताकि उन तस्वीरों से प्रचार कार्य किया जा सके। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए मशीनों की अच्छी समझ होना जरूरी है।
वन्य जीव फोटोग्राफर
इस तरह की फोटोग्राफी, आजकल सबसे ज्यादा ट्रेंड में है। वन्यजीव के फ़ोटोग्राफ़र को जंगल के जीवन की तस्वीरें लेनी होती हैं। इस तरह की फोटोग्राफी करने के दौरान बारीकी से किया गया काम काफी ज्यादा जरूरी होता है और ऐसी फोटोग्राफी में जान का खतरा भी काफी ज्यादा होता है। जैसा कि आप जानते हैं यह फोटोग्राफी ब्रांच की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फोटोग्राफी है, इस कारण इसमें सैलरी भी काफी ज्यादा होती है।
एरियल फोटोग्राफर
इस तरह के फोटोग्राफर को अलग अलग स्थानों की तस्वीर लेनी होती है। तस्वीरों को लेने पर टेक्निक का प्रयोग किया जाए तब वह तस्वीरें विशेष नजर आती हैं।
वैज्ञानिक फोटोग्राफर
वैज्ञानिक फोटोग्राफी की डिमांड काफी ज्यादा है। इस तरह के फोटोग्राफर रिसर्च के लिए अलग अलग तरह की तस्वीरें खींचते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य विज्ञान से जुड़ी तस्वीरें लेने का होता है। जीव विज्ञान जगत में ऐसे फोटोग्राफर की जरूरत काफी ज्यादा है।
फोटोग्राफी कोर्स कैसे करें ?
फोटोग्राफी में करियर बनाने के लिए फोटोग्राफी के कोर्स में अलग अलग सब्जेक्ट चुनने होते हैं। प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने के लिए निम्न तरह के दो रास्ते चुने जा सकते हैं-
- प्रोफेशनल फ़ोटोग्राफ़र बनने के लिए पहला रास्ता डिग्री का है। इसका मतलब यह है कि यदि आप प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनना चाहते हैं तब आप अप्लाइड आर्ट में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। यह बारहवीं के बाद किया जा सकता है। बारहवीं में ली गई स्ट्रीम से इसपर कोई फर्क नहीं पड़ता, यानी कि किसी भी स्ट्रीम के छात्र इसे कर सकते हैं।
- प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने का दूसरा रास्ता डिप्लोमा का है। इसका मतलब यह है कि आप डिप्लोमा करके प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन सकते हैं। यह ग्रेजुएशन से छोटा कोर्स होता है (समय के आधार पर)।
भारत में कहाँ पढ़ा जा सकता है ?
निम्नलिखित कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फोटोग्राफी की शिक्षा ली जा सकती है –
- फेरगूसन कॉलेज, पुणे यूनिवर्सिटी
- जवाहरलाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
- जीवाजी यूनिवसिर्टी, ग्वालियर
- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी
- पंडित रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी, रायपुर
- श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी, आंध्रा प्रदेश,
- यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद, इलाहाबाद
- यूनिवर्सिटी ऑफ गोरखपुर, गोरखपुर
- जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली
- नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ डिजाइन, दिल्ली
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, दिल्ली
- मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर, दिल्ली
- इंडिया इंटरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल, दिल्ली