बैंकिंग सेक्टर

आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का इतिहास भारत में दो सौ साल पुराना है इसकी शुरुआत 19 वी शतब्दी के आरंभ में ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश शासन काल में की। भारत में सबसे पहले केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक सक्रिय हुई। वर्तमान समय में भारत में दी जाने वाली सेवाएं बैंक खाते, ऋण खाते, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, लॉकर्स और धन हस्तंतरण आदि है जिन सेवाओं के माध्यम से आप आसानी से एक कोने से दुसरे कोने में पैसे भेज सकते है साथ ही साथ ऋण भी ले सकते है।

इसलिए बैंकिंग सेक्टर में करे भविष्य निवेश और पाए बेहतर रिटर्न तो चलिए आज हम आपको बैंकिंग से जुड़े सभी पहलुओं से अवगत कराएंगे कि यह क्या है, कैसे बनाए इसमें करियरऔर इससे सम्बंधित कोर्स,संस्थान आदि।

बैंकिंग में करियर बनाने के लिए हर साल हजारों छात्र कठिन मेहनत, लगन और परिश्रम करके यहाँ जॉब पाते हैं। इसलिए आप भी इस फ़ील्ड में करियर चुनकर सरकारी और प्राइवेट बैंकों में अवसर तलाश सकते हो।आमतौर पर इसके लिए आईबीपीएस हर साल बैंक में जॉब के लिए एंट्रेंस एग्जाम कराती है, जिसमे सफल उम्मीदवारों को सरकारी बैंकों में गोल्डन चांस मिलता है और जो प्राइवेट सेक्टर में नौकरी तलाश रहे होते है उनको बैंक अपने रूल्स से सिलेक्ट करती है जैसे written exam, group discussion और interview आदि।

 बैंकिंग कोर्स

बैंकिंग फ़ील्ड में करियर बनाने के लिए आपका इंटरमीडिएट पास होना आवश्यक है इसमें करियर बनाने हेतु आपके पास प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है।आप चाहे तो इन बैंकिंग कोर्स (Banking Course) को कर इस फ़ील्ड में अपना करियर बना सकते है ।

Graduation course

  • B.com (banking and finance)
  • B.A (banking and taxation)
  • B.com (banking and management)
  • B.com (finance)
  • B.com (banking and insurance)
  • B.com (Hons.) (Banking and insurance)

Master course

  • B.A (banking and taxation)
  • B.com banking and finance)
  • B.com (bank management)
  • B.com (banking and finance management)
  • B.com (banking and insurance)
  • B.com (Hons.) (Banking and insurance)

Note- सरकारी क्षेत्र के बैंकों में रोज़गार हेतु स्नातक को 50% अंकों से उत्तीर्ण होने के अतिरिक्त IBPS की परीक्षा में भी उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

बैंकिंग के कार्य क्षेत्र

  • बैंकर
  • इंस्योरेंस
  • एडवाइजर
  • फाइनेंसर
  • फाइनेंस एडवाइजर
  • अकाउंटेंट

बैंकिंग के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता

योग्यता : उम्मीदवारों को स्नातक में दाख़िला पाने के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 पास करना अनिवार्य है | अन्य कोर्स के लिए 10+2 में पास होना अनिवार्य नहीं है

उम्र : कोई भी आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

शैक्षिक योग्यता : इंटरमीडिएट हाईस्कूल

प्रवेश प्रक्रिया : आईबीपीएस एंट्रेंस एग्जाम

आवश्यक कौशल

  • आसानी से समस्या को सुलझाने
  • अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स
  • संख्याओं की गणना में कुशल
  • धैर्यवान और मिलनसार

भविष्य की संभावनाएं 

बैंकिंग का कोर्स कर आप आसानी से नौकरी पा सकते है|आप बैंकर, इंस्योरेंस  एडवाइजर, फाइनेंसर और अकाउंटेंट बनकर अपने करियर को नयी दिशा प्रदान कर सकते है। इस कोर्स को करके आप विदेशों में भी नौकरी के अवसर तलाश कर सकते हैं करियर के हिसाब से यह कहना गलत नहीं होगा कि बैंकिंग कोर्स में भविष्य की संभावनाएं (Future Possibility) असीम है।

सैलरी

सैलरी और करियर के लिहाज से बैंकिंग फ़ील्ड में करियर बना कर आप अपने भविष्य  को नयी ऊंचाईयों तक पंहुचा सकते हैऔर साथ ही अच्छी सैलरी (Salary) भी पा सकते है। प्राइवेट सेक्टर में शुरुआत में 15,000/ प्रतिमाह तक सैलरी पा सकते है तथा सरकारी बैंकों में 25,000/- प्रतिमाह से  सैलरी की शुरुआत हो सकती है। करियर और सैलरी के लिहाज़ से बैंकिंग सेक्टर में आपका भविष्य सुनहरा है |

Published by Deepakrd Ram

Hello! My name deepak ram and I’m a blogger. I share my experience of my life.

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