बायोकेमिस्ट्री

बायोकेमिस्ट्री में करियर की अपार संभावनाएं  :

बायोकेमिस्ट्री में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी वजह है देश में बढ़ता रिसर्च का फील्ड। मेडिसिन, मेडिकल साइंस, एग्रीकल्चर, फॉरेंसिक साइंस या फिर हमारा पर्यावरण, सब इस सब्जेक्ट के दायरे में हैं। बायोकेमेस्ट्री दरअसल बायॉलॉजिकल प्रोसेस के दौरान होने वाले केमिकल कॉम्बिनेशन और रिएक्शन का अध्ययन है। रिसर्च में रुचि रखने वालों के लिए इस फील्ड में अपार संभावनाएं हैं। बल्कि यूं कहें, हर रोज संभावनाएं बढ़ रही हैं। बेहतर बात तो यह है कि बायॉटेक्नोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी आदि की तरह इस सब्जेक्ट की पढ़ाई के लिए आपको ज्यादा भटकना भी नहीं पड़ता। तमाम जानीमानी यूनिवसिर्टीज में बायोकेमिस्ट्री का कोर्स उपलब्ध है।

करियर स्कोप :

बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स डिग्री लेकर बतौर ड्रग रिसर्चर, फॉरेंसिक साइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, रिसर्च का फील्ड और अन्य क्षेत्रों में जॉब उपलब्ध हैं। सैलरी भी अच्छी खासी मिल जाती है। करियर के शुरुआत में ही आप औसतन 20 से 25 हजार प्रति माह की नौकरी पा लेते हैं। जो रिसर्च फील्ड में नहीं जाना चाहते, वे नेट या पीएचडी की डिग्री हासिल कर टीचिंग के क्षेत्र में भी अपने करियर को आकार दे सकते हैं। टीचिंग के क्षेत्र में सिर्फ सामान्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ही नहीं, बायोकेमिस्ट्री के लिए मेडिकल, डेंटल या फिर एनिमल्स डॉक्टर्स वगैरह में भी काफी स्कोप है। सेल्स एंड मार्केटिंग में भी इस फील्ड की अपार संभावनाएं हैं।

योग्यता :

आमतौर पर चार सेमेस्टर या दो ईयर के इस प्रोग्राम में मास्टर्स डिग्री के लिए कम से कम केमिस्ट्री के साथ साइंस में ग्रैजुएशन की डिग्री जरूरी है। कई संस्थानों में पीजी करने के लिए ग्रैजुएशन भी बायोकेमिस्ट्री में होना चाहिए। वे छात्र जिन्होंने इंडस्ट्रियल माइक्रोबायॉलॉजी, बॉटनी, फिजियोलॉजी जैसे विषय से ग्रैजुएशन किया हो और ग्रैजुएशन में केमिस्ट्री की पढ़ाई की हो, कई यूनिवर्सिटियां उन्हें भी एमएससी बायोकेमिस्ट्री में ऐडमिशन के योग्य मानती हैं।

ऐडमिशन :

ऐडमिशन के लिए यूनिवर्सिटीज के अलग-अलग नियम हैं। कहीं सिर्फ नंबर बेसिस पर ऐडमिशन मिल जाता है तो कहीं टेस्ट की प्रक्रिया है। ग्रैजुएशन के मार्क्स के आधार पर ऐडमिशन देने में भी यूनिवर्सिटियों के अपने-अपने नियम हैं। कहीं कम से कम 50 फीसदी मार्क्स की जरूरत होती है, तो कहीं 55 और कहीं फर्स्ट क्लास। ज्यादा जानकारी अपने पसंद के संस्थान से ली जाती है। कई यूनिवर्सिटियों में ऐडमिशन प्रॉसेस जारी है।

इंस्टीट्यूट्स :

कोर्स: एम एस सी एडवांस बायोकेमिस्ट्री, एमएससी मेडिकल बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: मदास यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी मेडिकल बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: जिपमर, पुडुचेरी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: प्रवरा रूरल यूनिवर्सिटी, अहमदनगर (महाराष्ट्र)।

संस्थान: साइंस कॉलेज, पटना।

संस्थान: हैदराबाद यूनिवर्सिटी।

संस्थान: एम्स, नई दिल्ली।

संस्थान: कालीकट यूनिवर्सिटी।

संस्थान: जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर।

संस्थान: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी।

संस्थान: चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, हिसार।

संस्थान: देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर।

संस्थान: गोवा यूनिवर्सिटी।

संस्थान: आंध्रा यूनिवर्सिटी।

संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी।

बैंकिंग सेक्टर

आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का इतिहास भारत में दो सौ साल पुराना है इसकी शुरुआत 19 वी शतब्दी के आरंभ में ईस्ट इंडिया कंपनी ने ब्रिटिश शासन काल में की। भारत में सबसे पहले केंद्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक सक्रिय हुई। वर्तमान समय में भारत में दी जाने वाली सेवाएं बैंक खाते, ऋण खाते, क्रेडिट और डेबिट कार्ड, लॉकर्स और धन हस्तंतरण आदि है जिन सेवाओं के माध्यम से आप आसानी से एक कोने से दुसरे कोने में पैसे भेज सकते है साथ ही साथ ऋण भी ले सकते है।

इसलिए बैंकिंग सेक्टर में करे भविष्य निवेश और पाए बेहतर रिटर्न तो चलिए आज हम आपको बैंकिंग से जुड़े सभी पहलुओं से अवगत कराएंगे कि यह क्या है, कैसे बनाए इसमें करियरऔर इससे सम्बंधित कोर्स,संस्थान आदि।

बैंकिंग में करियर बनाने के लिए हर साल हजारों छात्र कठिन मेहनत, लगन और परिश्रम करके यहाँ जॉब पाते हैं। इसलिए आप भी इस फ़ील्ड में करियर चुनकर सरकारी और प्राइवेट बैंकों में अवसर तलाश सकते हो।आमतौर पर इसके लिए आईबीपीएस हर साल बैंक में जॉब के लिए एंट्रेंस एग्जाम कराती है, जिसमे सफल उम्मीदवारों को सरकारी बैंकों में गोल्डन चांस मिलता है और जो प्राइवेट सेक्टर में नौकरी तलाश रहे होते है उनको बैंक अपने रूल्स से सिलेक्ट करती है जैसे written exam, group discussion और interview आदि।

 बैंकिंग कोर्स

बैंकिंग फ़ील्ड में करियर बनाने के लिए आपका इंटरमीडिएट पास होना आवश्यक है इसमें करियर बनाने हेतु आपके पास प्रवेश पाने के निम्नलिखित रास्ते है।आप चाहे तो इन बैंकिंग कोर्स (Banking Course) को कर इस फ़ील्ड में अपना करियर बना सकते है ।

Graduation course

  • B.com (banking and finance)
  • B.A (banking and taxation)
  • B.com (banking and management)
  • B.com (finance)
  • B.com (banking and insurance)
  • B.com (Hons.) (Banking and insurance)

Master course

  • B.A (banking and taxation)
  • B.com banking and finance)
  • B.com (bank management)
  • B.com (banking and finance management)
  • B.com (banking and insurance)
  • B.com (Hons.) (Banking and insurance)

Note- सरकारी क्षेत्र के बैंकों में रोज़गार हेतु स्नातक को 50% अंकों से उत्तीर्ण होने के अतिरिक्त IBPS की परीक्षा में भी उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

बैंकिंग के कार्य क्षेत्र

  • बैंकर
  • इंस्योरेंस
  • एडवाइजर
  • फाइनेंसर
  • फाइनेंस एडवाइजर
  • अकाउंटेंट

बैंकिंग के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता

योग्यता : उम्मीदवारों को स्नातक में दाख़िला पाने के लिये किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से 10+2 पास करना अनिवार्य है | अन्य कोर्स के लिए 10+2 में पास होना अनिवार्य नहीं है

उम्र : कोई भी आयु सीमा निर्धारित नहीं है।

शैक्षिक योग्यता : इंटरमीडिएट हाईस्कूल

प्रवेश प्रक्रिया : आईबीपीएस एंट्रेंस एग्जाम

आवश्यक कौशल

  • आसानी से समस्या को सुलझाने
  • अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स
  • संख्याओं की गणना में कुशल
  • धैर्यवान और मिलनसार

भविष्य की संभावनाएं 

बैंकिंग का कोर्स कर आप आसानी से नौकरी पा सकते है|आप बैंकर, इंस्योरेंस  एडवाइजर, फाइनेंसर और अकाउंटेंट बनकर अपने करियर को नयी दिशा प्रदान कर सकते है। इस कोर्स को करके आप विदेशों में भी नौकरी के अवसर तलाश कर सकते हैं करियर के हिसाब से यह कहना गलत नहीं होगा कि बैंकिंग कोर्स में भविष्य की संभावनाएं (Future Possibility) असीम है।

सैलरी

सैलरी और करियर के लिहाज से बैंकिंग फ़ील्ड में करियर बना कर आप अपने भविष्य  को नयी ऊंचाईयों तक पंहुचा सकते हैऔर साथ ही अच्छी सैलरी (Salary) भी पा सकते है। प्राइवेट सेक्टर में शुरुआत में 15,000/ प्रतिमाह तक सैलरी पा सकते है तथा सरकारी बैंकों में 25,000/- प्रतिमाह से  सैलरी की शुरुआत हो सकती है। करियर और सैलरी के लिहाज़ से बैंकिंग सेक्टर में आपका भविष्य सुनहरा है |

Photography करियर में भविष्य कैसे सवारें ?

दोस्तों आज के समय में इंजीनियरिंग और मेडिकल से अलग भी कई सारे करियर ऑप्शन मौजूद हैं। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आपको केवल इंजीनियर या डॉक्टर ही बनना पड़ेगा। आज के इस आर्टिकल में फोटोग्राफी से करियर कैसे बनाया जाए इस बारें में बात की गई है। 

फोटोग्राफी एक ऐसा प्रोफेशन है जहां पर फोटोग्राफर को टेक्निक और कला, दोनों ही चीजों पर पकड़ बनानी होती है। फोटोग्राफर द्वारा खींची गई तस्वीर इतिहास के पन्नों में रखी जाती है। हर तस्वीर कोई न कोई कहानी कहती है और यह फोटोग्राफर की जिम्मेदारी होती है कि वह कहानी को ज्यों का त्यों दुनिया के आगे प्रस्तुत करे।

फोटोग्राफर का काम केवल उतना आसान नहीं होता जितना वह नज़र आता है। दरअसल कैमरा की सेटिंग से लेकर बेहतर पोज तलाशने तक, फोटोग्राफर के जीवन में कई सारी समस्याएं होती हैं। फोटोग्राफर के लिए समस्याओं के साथ साथ सफल होने के मौके भी काफी ज्यादा होते हैं, क्यूंकि आज के समय में लगभग हर जगह फोटोग्राफर की आवश्यकता होती है।

फोटोग्राफी खुद को व्यक्त करने का एक माध्यम है। फोटोग्राफी व्यक्ति के अंदर छुपी कला और रचनात्मकता की अभिव्यक्ति का जरिया है। अपनी भावनाओं को चि‍त्रित करने के लिए कुछ लोग शौकिया फोटोग्राफी करते हैं और आगे चलकर अक्सर वे अपने इस शौक को ही अपना करियर बना लेते हैं।

टेक्नोलॉजी की तरक्की के साथ ही कम्युनिकेशन के माध्यम विकसित हुए। इसी के साथ ही फोटोग्राफी का भी विकास हुआ। आज हर छोटे-बड़े आयोजनों में, फैशन शो में, मीडिया क्षेत्र के अलावा अन्य जगह फोटोग्राफी का चलन बढ़ गया है। इन क्षेत्रों में डिजिटल फोटोग्राफी की मांग बढ़ी है।
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और इंटरनेट मीडिया में फोटो की अहम भूमिका होती है। अगर फोटोग्राफर अपनी रचनात्मकता के दम पर कुछ अलग करने की क्षमता रखता है तो उसके लिए धन और प्रसिद्धी की कोई कमी नहीं। मीडिया के जरिये फोटोग्राफर की कला और उसका नाम हजारों-लाखों लोगों तक पहुंचता है। मीडिया के अलावा कई अन्य संस्थान हैं, जहां फोटोग्राफी की जरूरत होती है।
नैसर्गिक फोटोग्राफर बनने के लिए जरूरी है कि आपमें फोटोग्राफी के माहौल को पढ़ने और अपनी रचनात्मकता के जरिये किसी क्षण को कैमरे में कैद करने की कला हो। इस क्षेत्र में ट्रेनिंग बेशक आपकी कला को निखारेगी, लेकिन फोटोग्राफी के लिए कल्पनाशीलता जैसे जन्मजात गुण आवश्यक हैं। एक प्रसिद्ध फोटोग्राफर का कहना है कि फोटोग्राफर बनते नहीं पैदा होते हैं।
अगर आप के अंदर कल्पना शक्ति है तो आप एक कामयाब फोटोग्राफर बन सकते हैं। यह ऐसी फील्ड हैं जहां कॉम्पिटिशन तगड़ा है, लेकिन आपके मौलिक विचार और कल्पना शक्ति आपको भीड़ से अलग कर देगी।

फोटोग्राफर के प्रकार :

जैसा कि ऊपर के आर्टिकल में बताया गया है कि फोटोग्राफर की आवश्यकता लगभग हर कार्यालय या कार्य में होती है, उसी आधार पर फ़ोटोग्राफ़र को निम्न तरीके से वर्गीकृत किया जा सकता है। 

फोटोग्राफर

इस तरह के फोटोग्राफर सामान्य फोटोग्राफर होते हैं। इनके साथ किसी भी प्रकार का कोई टैग नहीं जुड़ा होता। इस तरह के फोटोग्राफर अलग अलग तरह की तस्वीरें स्वतंत्र रूप से लेते हैं अथवा यह कहा जा सकता है कि इस प्रकार के फोटोग्राफर विशेष फोटोग्राफर नहीं होते। 

फोटो पत्रकार

इस तरह के फोटोग्राफर, अखबारों के लिए फोटो खींचते हैं और इनका काम होता है हुई घटना को तस्वीरों में समेटना। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए सबसे मुश्किल यह होता है, फोटो खींचने वाले व्यक्ति में घटना को समझने की क्षमता होना जरूरी है। 

कमर्शियल फोटोग्राफर

कमर्शियल फोटोग्राफी, फोटोग्राफर प्रोफेशन में सबसे ज्यादा सैलरी वाला काम है। इस तरह की फोटोग्राफी में बड़े बड़े ब्रांड के लिए तस्वीरें ली जाती हैं और यह तस्वीरें चीजों का प्रचार और बेचने के लिए प्रयोग की जाती हैं।

सड़कों पर नज़र आने बड़े बड़े पोस्टर में लगाई गई तस्वीरें इन्ही फोटोग्राफर द्वारा ली जाती हैं। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए अनुभव ज्यादा होना जरूरी है और उसके साथ ही अलग अलग तरह के कैमरे और लाइटिंग का प्रयोग भी आना चाहिए। 

फैशन फोटोग्राफर

इस तरह के फोटोग्राफर को फोटोग्राफी स्किलस के साथ साथ फैशन पर भी अच्छी पकड़ रखनी होती है। इसका मतलब यह है कि इस तरह के फोटोग्राफर को फैशन मॉडल और फैशनेबल वस्तुओं की तस्वीरें लेनी होती है, तो फोटोग्राफर को इस बात का अंदाजा होना चाहिए कि वह किस पोज में सबसे ज्यादा अच्छी और सबसे ज्यादा फैशनेबल तस्वीर ले सकता है। 

फूड फोटोग्राफर

इस तरह के फोटोग्राफर खाने की अलग अलग कंपनियों में काम करते हैं और वहां की तस्वीरें लेते हैं जिससे कि वे तस्वीरें प्रचार के काम आ सकें। ऐसा फ़ोटोग्राफ़र बनने के लिए खाने में विशेष दिलचस्पी होना अनिवार्य है। 

औद्योगिक फ़ोटोग्राफ़र

इस तरह के फोटोग्राफर का काम होता है अलग अलग तरह की मशीनों की बेहतर तस्वीरें लेना ताकि उन तस्वीरों से प्रचार कार्य किया जा सके। इस तरह का फोटोग्राफर बनने के लिए मशीनों की अच्छी समझ होना जरूरी है। 

वन्य जीव फोटोग्राफर

इस तरह की फोटोग्राफी, आजकल सबसे ज्यादा ट्रेंड में है। वन्यजीव के फ़ोटोग्राफ़र को जंगल के जीवन की तस्वीरें लेनी होती हैं। इस तरह की फोटोग्राफी करने के दौरान बारीकी से किया गया काम काफी ज्यादा जरूरी होता है और ऐसी फोटोग्राफी में जान का खतरा भी काफी ज्यादा होता है। जैसा कि आप जानते हैं यह फोटोग्राफी ब्रांच की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फोटोग्राफी है, इस कारण इसमें सैलरी भी काफी ज्यादा होती है। 

एरियल फोटोग्राफर

इस तरह के फोटोग्राफर को अलग अलग स्थानों की तस्वीर लेनी होती है। तस्वीरों को लेने पर टेक्निक का प्रयोग किया जाए तब वह तस्वीरें विशेष नजर आती हैं। 

वैज्ञानिक फोटोग्राफर

वैज्ञानिक फोटोग्राफी की डिमांड काफी ज्यादा है। इस तरह के फोटोग्राफर रिसर्च के लिए अलग अलग तरह की तस्वीरें खींचते हैं। इनका मुख्य उद्देश्‍य विज्ञान से जुड़ी तस्वीरें लेने का होता है। जीव विज्ञान जगत में ऐसे फोटोग्राफर की जरूरत काफी ज्यादा है। 

फोटोग्राफी कोर्स कैसे करें ?

फोटोग्राफी में करियर बनाने के लिए फोटोग्राफी के कोर्स में अलग अलग सब्जेक्ट चुनने होते हैं। प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने के लिए निम्न तरह के दो रास्ते चुने जा सकते हैं-

  1. प्रोफेशनल फ़ोटोग्राफ़र बनने के लिए पहला रास्ता डिग्री का है। इसका मतलब यह है कि यदि आप प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनना चाहते हैं तब आप अप्लाइड आर्ट में ग्रेजुएशन कर सकते हैं। यह बारहवीं के बाद किया जा सकता है। बारहवीं में ली गई स्ट्रीम से इसपर कोई फर्क नहीं पड़ता, यानी कि किसी भी स्ट्रीम के छात्र इसे कर सकते हैं। 
  2. प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनने का दूसरा रास्ता डिप्लोमा का है। इसका मतलब यह है कि आप डिप्लोमा करके प्रोफेशनल फोटोग्राफर बन सकते हैं। यह ग्रेजुएशन से छोटा कोर्स होता है (समय के आधार पर)। 

भारत में कहाँ पढ़ा जा सकता है ?

निम्नलिखित कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फोटोग्राफी की शिक्षा ली जा सकती है –

  • फेरगूसन कॉलेज, पुणे यूनिवर्सिटी 
  • जवाहरलाल नेहरू टेक्निकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद 
  • जीवाजी यूनिवसिर्टी, ग्वालियर 
  • महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी 
  • पंडित रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी, रायपुर 
  • श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी, आंध्रा प्रदेश, 
  • यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद, इलाहाबाद 
  • यूनिवर्सिटी ऑफ गोरखपुर, गोरखपुर 
  • जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली 
  • नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ डिजाइन, दिल्ली 
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, दिल्ली 
  • मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर, दिल्ली 
  • इंडिया इंटरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल, दिल्ली 


कितना कमाया जा सकता है ?

फोटोग्राफी करियर में काम करते हुए शुरुवात में डेढ़ लाख सालाना, से लेकर 4 लाख सालाना तक कमाया जा सकता है। इस दौरान यह ध्यान रखना होगा कि आपके द्वारा की जाने वाली कमाई आपके अनुभव, आपकी कला और आपकी काम पर पकड़ पर भी निर्भर करती है। अलग अलग कंपनियों में सैलरी अलग अलग होती है। ऊपर बताई गई आय एक औसत आय है।

 

Biochemistry

बायोकेमिस्ट्रीमें करियरकीअपारसंभावनाएं :

बायोकेमिस्ट्री में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी वजह है देश में बढ़ता रिसर्च का फील्ड। मेडिसिन, मेडिकल साइंस, एग्रीकल्चर, फॉरेंसिक साइंस या फिर हमारा पर्यावरण, सब इस सब्जेक्ट के दायरे में हैं। बायोकेमेस्ट्री दरअसल बायॉलॉजिकल प्रोसेस के दौरान होने वाले केमिकल कॉम्बिनेशन और रिएक्शन का अध्ययन है। रिसर्च में रुचि रखने वालों के लिए इस फील्ड में अपार संभावनाएं हैं। बल्कि यूं कहें, हर रोज संभावनाएं बढ़ रही हैं। बेहतर बात तो यह है कि बायॉटेक्नोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी आदि की तरह इस सब्जेक्ट की पढ़ाई के लिए आपको ज्यादा भटकना भी नहीं पड़ता। तमाम जानीमानी यूनिवसिर्टीज में बायोकेमिस्ट्री का कोर्स उपलब्ध है।

करियर स्कोप :

बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स डिग्री लेकर बतौर ड्रग रिसर्चर, फॉरेंसिक साइंटिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, रिसर्च का फील्ड और अन्य क्षेत्रों में जॉब उपलब्ध हैं। सैलरी भी अच्छी खासी मिल जाती है। करियर के शुरुआत में ही आप औसतन 20 से 25 हजार प्रति माह की नौकरी पा लेते हैं। जो रिसर्च फील्ड में नहीं जाना चाहते, वे नेट या पीएचडी की डिग्री हासिल कर टीचिंग के क्षेत्र में भी अपने करियर को आकार दे सकते हैं। टीचिंग के क्षेत्र में सिर्फ सामान्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ही नहीं, बायोकेमिस्ट्री के लिए मेडिकल, डेंटल या फिर एनिमल्स डॉक्टर्स वगैरह में भी काफी स्कोप है। सेल्स एंड मार्केटिंग में भी इस फील्ड की अपार संभावनाएं हैं।

योग्यता :

आमतौर पर चार सेमेस्टर या दो ईयर के इस प्रोग्राम में मास्टर्स डिग्री के लिए कम से कम केमिस्ट्री के साथ साइंस में ग्रैजुएशन की डिग्री जरूरी है। कई संस्थानों में पीजी करने के लिए ग्रैजुएशन भी बायोकेमिस्ट्री में होना चाहिए। वे छात्र जिन्होंने इंडस्ट्रियल माइक्रोबायॉलॉजी, बॉटनी, फिजियोलॉजी जैसे विषय से ग्रैजुएशन किया हो और ग्रैजुएशन में केमिस्ट्री की पढ़ाई की हो, कई यूनिवर्सिटियां उन्हें भी एमएससी बायोकेमिस्ट्री में ऐडमिशन के योग्य मानती हैं।

ऐडमिशन :

ऐडमिशन के लिए यूनिवर्सिटीज के अलग-अलग नियम हैं। कहीं सिर्फ नंबर बेसिस पर ऐडमिशन मिल जाता है तो कहीं टेस्ट की प्रक्रिया है। ग्रैजुएशन के मार्क्स के आधार पर ऐडमिशन देने में भी यूनिवर्सिटियों के अपने-अपने नियम हैं। कहीं कम से कम 50 फीसदी मार्क्स की जरूरत होती है, तो कहीं 55 और कहीं फर्स्ट क्लास। ज्यादा जानकारी अपने पसंद के संस्थान से ली जाती है। कई यूनिवर्सिटियों में ऐडमिशन प्रॉसेस जारी है।

इंस्टीट्यूट्स :

कोर्स: एम एस सी एडवांस बायोकेमिस्ट्री, एमएससी मेडिकल बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: मदास यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: दिल्ली यूनिवर्सिटी।

कोर्स: एम. एससी मेडिकल बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: जिपमर, पुडुचेरी।

कोर्स: एम. एससी बायोकेमिस्ट्री

संस्थान: प्रवरा रूरल यूनिवर्सिटी, अहमदनगर (महाराष्ट्र)।

संस्थान: साइंस कॉलेज, पटना।

संस्थान: हैदराबाद यूनिवर्सिटी।

संस्थान: एम्स, नई दिल्ली।

संस्थान: कालीकट यूनिवर्सिटी।

संस्थान: जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर।

संस्थान: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी।

संस्थान: चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, हिसार।

संस्थान: देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर।

संस्थान: गोवा यूनिवर्सिटी।

संस्थान: आंध्रा यूनिवर्सिटी।

संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी।

परिचय

जब मैं अपने आस पास देखता हूँ तो मुझे बहुत से ऐसे विद्यार्थी मिलते हैं जिनसे बात करने पर लगता हैं कि उन्हें भविष्य में क्या करना हैं इसकी सही जानकारी नहीं हैं । वो किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं इसकी सही जानकारी नहीं हैं । वो कभी अपने दोस्तों की सलाह से तो कभी रिसतेदारों की सलाह से ग़लत करियर का चुनाव कर लेते हैं और बाद में कुछ नहीं कर पाते तो अपनी क़िस्मत को कोसते हैं।अपनी क़िस्मत को कोसने से बेहतर है कि आप अपनी ग़लतियों को पहचाने और उससे भी बेहतर है कि आप हमसे बात कीजिए ताकि आप अपने करियर को चुनने में ग़लती ना करे।आपको किस क्षेत्र में करियर बनाना है उसके लिए आपको क्या करना है इन सब में हम आपकी मदद करेंगे ।

आज जैसे जैसे समय बदल रहा है उसी तरह बहुत से ऐसे क्षेत्र आ गए हैं जहाँ आप अपना करियर बना सकते हैं। आप हमसे जुड़े , हम आपको 10th , 12th , Graduation के बाद क्या करना है कैसे करना है इन सब में आपकी मदद करेंगे ताकि आप अपना भविष्य उज्जवल कर सके । Right choice.school.blog से आप ख़ुद भी जुड़े और अपने दोस्तों को भी जोड़े ताकि वो भी अपने भविष्य को सही दिशा में ले जा सकें ।

Introduce Yourself (Example Post)

This is an example post, originally published as part of Blogging University. Enroll in one of our ten programs, and start your blog right.

You’re going to publish a post today. Don’t worry about how your blog looks. Don’t worry if you haven’t given it a name yet, or you’re feeling overwhelmed. Just click the “New Post” button, and tell us why you’re here.

Why do this?

  • Because it gives new readers context. What are you about? Why should they read your blog?
  • Because it will help you focus you own ideas about your blog and what you’d like to do with it.

The post can be short or long, a personal intro to your life or a bloggy mission statement, a manifesto for the future or a simple outline of your the types of things you hope to publish.

To help you get started, here are a few questions:

  • Why are you blogging publicly, rather than keeping a personal journal?
  • What topics do you think you’ll write about?
  • Who would you love to connect with via your blog?
  • If you blog successfully throughout the next year, what would you hope to have accomplished?

You’re not locked into any of this; one of the wonderful things about blogs is how they constantly evolve as we learn, grow, and interact with one another — but it’s good to know where and why you started, and articulating your goals may just give you a few other post ideas.

Can’t think how to get started? Just write the first thing that pops into your head. Anne Lamott, author of a book on writing we love, says that you need to give yourself permission to write a “crappy first draft”. Anne makes a great point — just start writing, and worry about editing it later.

When you’re ready to publish, give your post three to five tags that describe your blog’s focus — writing, photography, fiction, parenting, food, cars, movies, sports, whatever. These tags will help others who care about your topics find you in the Reader. Make sure one of the tags is “zerotohero,” so other new bloggers can find you, too.

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